हिंसक और अहिंसक, मृदु और क्रूर, धर्म और अधर्म, तथा सत्य और असत्य—इनमें से सृष्टि के आरम्भ में जिस-जिस प्राणी के लिए जो-जो स्वभाव निर्धारित किया गया, वही स्वभाव स्वयं उसमें प्रविष्ट हो गया।
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