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मनुस्मृति • अध्याय 1 • श्लोक 16
तेषां त्ववयवान् सूक्ष्मान् षण्णामप्यमितौजसाम् । संनिवेश्यात्ममात्रासु सर्वभूतानि निर्ममे ॥
उन्होंने उन अत्यन्त तेजस्वी छह तत्त्वों के सूक्ष्म अवयवों को उनके-उनके आत्ममात्राओं (सूक्ष्म तन्मात्राओं) में स्थापित करके, उनसे समस्त प्राणियों की रचना की।
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