मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 1 • श्लोक 114
स्त्रीधर्मयोगं तापस्यं मोक्षं संन्यासमेव च । राज्ञश्च धर्ममखिलं कार्याणां च विनिर्णयम् ॥
महिलाओं से संबंधित कानून, साधुओं का कानून, अंतिम मुक्ति पाने का तरीका और दुनिया को त्यागने का तरीका, एक राजा का संपूर्ण कर्तव्य और मुकदमों का फैसला करने का तरीका।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें