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मनुस्मृति • अध्याय 1 • श्लोक 113
वृत्तीनां लक्षणं चैव स्नातकस्य व्रतानि च । भक्ष्याभक्ष्यं च शौचं च द्रव्याणां शुद्धिमेव च ॥
आजीविका के साधनों का वर्णन, दीक्षित गृहस्थों के पालन, वैध और वर्जित भोजन, शुद्धि, वस्तुओं की सफाई।
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