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मनुस्मृति • अध्याय 1 • श्लोक 112
दाराधिगमनं चैव विवाहानां च लक्षणम् । महायज्ञविधानं च श्राद्धकल्पं च शाश्वतम् ॥
विवाह का नियम - विवाह के कई रूपों की परिभाषा - शाश्वत यज्ञयो की विधि - पितरों को भेंट चढ़ाने से संबंधित शाश्वत नियम।
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