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मंत्रिका • अध्याय 1 • श्लोक 12
कालः प्राणश्च भगवान्मृत्युः शर्वो महेश्वरः। उग्रो भवश्च रुद्रश्च ससुरः सासुरस्तथा॥
(षडैश्वर्य सम्पन्न) यह परमपुरुष भगवान् कालरूप, प्राणरूप, मृत्युरूप, शर्वरूप, महेश्वररुप, भवरूप, रुद्ररूप, उग्ररूप, ससुर (देवयुक्त) तथा सासुर (असुरयुक्त) भी हैं।
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