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मंकिगीता • अध्याय 1 • श्लोक 8
ह्रियमाणौ तु तौ दम्यौ तेनोष्ट्रेण प्रमाधिना । प्रियमाणौ च सम्प्रेक्ष्य मङ्किस्तत्राब्रवीदिदम् ॥
बलपूर्वक अपहरण करने वाले उस ऊंट के द्वारा उन दोनों बछड़ों को अपहृत होते और मरते देख मङ्कि ने इस प्रकार कहा-
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