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मंकिगीता • अध्याय 1 • श्लोक 7
तयोः सम्प्राप्तयोरुष्ट्रः स्कन्धदेशममर्षणः । उत्थायोत्क्षिप्य तौ दम्यौ प्रससार महाजवः ॥
जब वे उसकी गर्दन के पास पहुँचे तो ऊँट के लिये यह असह्य हो उठा। वह रोष में भरकर खड़ा हो गया और उन दोनों बछड़ों को ऊपर लटकाये बड़े जोर से भागने लगा।
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