पूर्वकाल के तथा पीछे के मनुष्य भी कभी कामनाओं का अन्त नहीं पा सके हैं, अतः मैं समस्त कर्मों का आयोजन त्यागकर सावधान हो गया हूँ और मैं पूर्णतः जग गया हूँ।
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