एकसंख्याविहीनोऽस्मि द्विसंख्यावानहं न च।
सदसद्भेदहीनो ऽस्मि संकल्परहितोऽस्म्यहम् ।।
मैं एक संख्या विहीन (अद्वैतरहित) और दो संख्या रहित (द्वैतरहित) हूँ, सत् और असत् के भेद से रहित हूँ तथा मैं संकल्प से रहित हूँ।
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