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मैत्रेय • अध्याय 3 • श्लोक 12
सर्वत्रपूर्णरूपोऽस्मि सच्चिदानन्दलक्षणः । सर्वतीर्थस्वरूपोऽस्मि परमात्मास्म्यहं शिवः ॥
मैं सर्वत्र पूर्णरूप हूँ, सच्चिदानंद के लक्षणों से मुक्त हूँ। सम्पूर्ण तीर्थों का स्वरूप भी मैं हूँ और परमात्म स्वरूप कल्याणकारी भगवान् शिव भी मैं ही हूँ।
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