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कुमारसंभवम् • अध्याय 9 • श्लोक 47
देवस्य तस्य स्मरसूदनस्य हस्तं समालिङ्ग्य सुविभ्रमश्रीः । सा नन्दिना वेत्रभृतोपदिष्टमार्गा पुरोगेण कलं चचाल ॥
स्मरसूदन देव का हाथ पकड़कर, सुशोभित पार्वती नन्दी द्वारा बताए गए मार्ग पर आगे बढ़ी।
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