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कुमारसंभवम् • अध्याय 9 • श्लोक 39
पिनाकिनापि स्फटिकाचलेन्द्रः कैलासनामा कलिताम्बरांशः । धृतार्धसोमोऽद्भुतभोगिभोगो विभूतिधारी स्व इव प्रपेदे ॥
पिनाकधारी शिव के साथ कैलास पर्वत, जो स्फटिक के समान उज्ज्वल और अद्भुत विभूतियों से युक्त था, स्वयं उनके समान ही प्रतीत हुआ।
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