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कुमारसंभवम् • अध्याय 8 • श्लोक 81
तां विलम्बितपनीयमेखलामुद्वहञ्जघनभारदुर्वहाम् । ध्यानसम्भृतविभूतिरीश्वरः प्राविशन्मणिशिलागृहं रहः ॥
उस विलंबित स्वर्णमेखला से युक्त और जघनभार से कठिनाई से चलने वाली पार्वती को साथ लेकर, ध्यान से विभूति धारण किए ईश्वर एकांत में मणिशिला के गृह में प्रवेश कर गए।
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