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कुमारसंभवम् • अध्याय 8 • श्लोक 20
एवमिन्द्रियसुखस्य वर्त्मनः सेवनादनुगृहीतमन्मथः शैलराजभवने सहोमया मासमात्रमवसद्वृषध्वजः ॥
इस प्रकार इन्द्रिय सुख के मार्ग का सेवन करते हुए, कामदेव से अनुगृहित वृषध्वज शिव, उमा के साथ शैलराज के भवन में एक मास तक निवास करते रहे।
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