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कुमारसंभवम् • अध्याय 7 • श्लोक 76
तस्याः करे शैलगुरूपनीतं जग्राह ताम्राङ्गुलिमष्टमूर्त्तिः । उमातनौ गूढतनोः स्मरस्य तच्छङ्किनः पूर्वमिव प्ररोहम् ॥
अष्टमूर्ति शिव ने शैलगुरु द्वारा प्रस्तुत उमा के हाथ की ताम्रवर्ण उँगलियों को ग्रहण किया, मानो कामदेव के छिपे हुए शरीर के पुनः प्रकट होने का संकेत हो।
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