उनकी मुख से निकली मदिरा की सुगंध से भरे हुए और तीव्र उत्सुकता से युक्त, उनकी चंचल नेत्ररूपी भौंरों से युक्त खिड़कियाँ मानो सहस्रदल कमलों से सुसज्जित प्रतीत हो रही थीं।
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