एक स्त्री जो आधी सजी हुई ही शीघ्र उठ खड़ी हुई, उसके प्रत्येक कदम पर ढीली हुई करधनी गिरती जाती थी, और उसका शेष सूत्र केवल अंगूठे के मूल में अटका हुआ था।
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