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कुमारसंभवम् • अध्याय 7 • श्लोक 48
विश्वावसुप्राग्रहरैः प्रवीणैः सङ्गीयमानत्रिपुरावदानः । अध्वानमध्वान्तविकारलब्यस्ततार ताराधिपखण्डधारी ॥
विश्वावसु आदि गंधर्वों द्वारा त्रिपुर विजय का गान करते हुए, चंद्रमौलि शिव ने मार्ग के अंधकार को दूर करते हुए यात्रा पूरी की।
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