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कुमारसंभवम् • अध्याय 7 • श्लोक 12
तस्मात्प्रदेशाच्च वितानवन्तं युक्त मणिस्तम्भचतुष्टयेन् । पतिव्रताभिः परिगृह्य निन्ये क्लृप्तासनं कौतुकवेदिमध्यम् ॥
उस स्थान से चार मणि स्तंभों से युक्त मंडप में, पतिव्रता स्त्रियों द्वारा घेरकर, उसे सुसज्जित आसन सहित कौतुक वेदी के मध्य ले जाया गया।
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