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कुमारसंभवम् • अध्याय 7 • श्लोक 1
अधौषधीनामधिपस्य वृद्धौ तिथौ च जामित्रगुणान्वितायाम् । समेतबन्धुर्हिमवान्सुताया विवाहदीक्षाविधिमन्वतिष्ठत् ॥
औषधियों के अधिपति चन्द्रमा की वृद्धि के समय और शुभ जामित्र गुणों से युक्त तिथि में हिमवान ने अपने बंधुओं सहित पुत्री के विवाह की दीक्षा-विधि का पालन किया।
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