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कुमारसंभवम् • अध्याय 6 • श्लोक 81
प्रणम्य शितिकण्ठाय विबुधास्तदनन्तरम् । चरणौ रञ्जयन्त्यस्याश्रूडामणिमरीचिभिः ॥
देवताओं ने शितिकण्ठ को प्रणाम कर अपने अश्रुओं से उसके चरणों को आलोकित किया।
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