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कुमारसंभवम् • अध्याय 6 • श्लोक 80
यावदेतानि भूतानि स्थावराणि चराणि च । मातरं कल्पयन्त्येनामीशो हि जगतः पिता ॥
जब तक यह समस्त स्थावर और जंगम प्राणी हैं, वे उसे माता मानेंगे, क्योंकि वह जगत का पिता है।
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