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कुमारसंभवम् • अध्याय 6 • श्लोक 67
स्थाने त्वां स्थावरात्मानं विष्णुमाहुस्तथा हि ते । चराचराणां भूतानां कुक्षिराधारतां गतः ॥
तुम्हें स्थावर रूप में विष्णु कहा जाता है, क्योंकि तुम चराचर प्राणियों का आधार हो।
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