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कुमारसंभवम् • अध्याय 6 • श्लोक 43
यत्रौषधिप्रकाशेन नक्तं दर्शितसञ्चराः । अनभिज्ञास्तमिस्त्राणां दुर्दिनेष्वभिसारिकाः ॥
जहाँ औषधियों के प्रकाश से रात में भी मार्ग दिखता था और स्त्रियाँ अंधकार से अनभिज्ञ होकर विचरण करती थीं।
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