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कुमारसंभवम् • अध्याय 6 • श्लोक 14
धर्मेणापि पदं शर्वे कारिते पार्वतीं प्रति । पूर्वापराधभीतस्य कामस्योच्वासितं मनः ॥
पार्वती के प्रति धर्मपूर्वक कदम बढ़ाने पर पहले अपराध से भयभीत कामदेव का मन भी आश्वस्त हो गया।
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