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कुमारसंभवम् • अध्याय 4 • श्लोक 29
अमुना ननु पार्श्ववर्तिना जगदाज्ञां ससुरासुरं तव । बिसतन्तुगुणस्य कारितं धनुषः पेलवपुष्पपत्रिणः ॥
इस तुम्हारे समीप रहने वाले वसंत ने ही तुम्हारे आदेश से देवों और असुरों सहित जगत को उस कोमल पुष्पधनुष से वश में किया था।
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