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कुमारसंभवम् • अध्याय 4 • श्लोक 1
अथ मोहपरायणा सती विवशा कामवधूर्विबोधिता । विधिना प्रतिपादयिष्यता नववैधव्यमसह्यवेदनम् ॥
तब मोह में डूबी हुई कामदेव की पत्नी रति, विधाता द्वारा दिए जाने वाले नए वैधव्य के असह्य दुःख को अनुभव करने के लिए विवश होकर जागृत हुई।
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