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कुमारसंभवम् • अध्याय 3 • श्लोक 69
अथेन्द्रियक्षोभमयुग्मनेत्रः पुनर्वशित्वाद्बलवन्निगृह्य । हेतु स्वचेतोविकृतेर्दिदृक्षुर्दिशामुपान्तेषु ससर्ज दृष्टिम् ॥
तब शिव ने इन्द्रियों के विकार को पुनः बलपूर्वक नियंत्रित कर अपने मन के विकार का कारण जानने के लिए चारों दिशाओं में दृष्टि डाली।
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