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कुमारसंभवम् • अध्याय 3 • श्लोक 60
तस्मै शशंस प्रणिपत्य नन्दी शुश्रूषया शैलसुतामुपेताम् । प्रवेशयामास च भर्तुरेनां भ्रूक्षेपमात्रानुमतप्रवेशाम् ॥
नंदी ने प्रणाम कर शिव को पर्वतराज की पुत्री के आगमन की सूचना दी और उनकी भौंह के संकेत से उसे भीतर प्रवेश कराया।
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