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कुमारसंभवम् • अध्याय 3 • श्लोक 58
भविष्यतः पत्युरुमा च शम्भोः समाससाद प्रतिहारभूमिम् । योगात्स चान्तः परमात्मसंज्ञं दृष्ट्वा परं ज्योतिरुपारराम ॥
उमा अपने भावी पति शिव के समीप पहुँची, और शिव ने भी योग से परमात्मा का दर्शन कर उस ध्यान को समाप्त किया।
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