उनकी दृष्टि स्थिर थी, पलकें नहीं हिल रही थीं, और नेत्रों की किरणें नीचे नासिका की ओर केंद्रित थीं, जिससे उनका तेज कुछ शांत और स्थिर प्रतीत हो रहा था।
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