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कुमारसंभवम् • अध्याय 3 • श्लोक 19
तस्मिन्सुराणां विजयाभ्युपाये तवैव नामास्त्रगतिः कृती त्वम् । अप्यप्रसिद्धं यशसे हि पुंसामनन्यसाधारणमेव कर्म ॥
देवताओं की विजय के इस उपाय में तुम्हारा ही नाम और अस्त्र सफल होगा, क्योंकि मनुष्यों के लिए असाधारण कार्य ही यश प्रदान करता है।
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