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कुमारसंभवम् • अध्याय 2 • श्लोक 9
जगद्योनिरयोनिस्त्वं जगदन्तो निरन्तकः । जगदादिरनादिस्त्वं जगदीशो निरीश्वरः ॥
आप जगत के कारण होकर भी अकारण हैं, अंत होकर भी अनंत हैं, आदि होकर भी अनादि हैं और स्वयं ही जगत के ईश्वर हैं जिनका कोई अन्य ईश्वर नहीं है।
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