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कुमारसंभवम् • अध्याय 2 • श्लोक 48
तस्मिन्नुपायाः सर्वे नः क्रूरे प्रतिहतक्रियाः । वीर्यवन्त्यौषधानीव विकारे सान्निपातिके ॥
उस क्रूर के सामने हमारे सभी उपाय निष्फल हो जाते हैं, जैसे सन्निपात रोग में प्रभावशाली औषधियाँ भी काम नहीं करतीं।
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