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कुमारसंभवम् • अध्याय 2 • श्लोक 45
भुवनालोकनप्रीतिः स्वर्गिभिर्नानुभूयते । खिलीभूते विमानानां तदापातभयात्पथि ॥
स्वर्गवासी अब लोकों के दर्शन का आनंद नहीं ले पाते, क्योंकि उसके आक्रमण के भय से उनके विमान मार्ग में ही रुक जाते हैं।
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