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कुमारसंभवम् • अध्याय 17 • श्लोक 11
दृष्ट्वा रथं प्रलयवातचलगिरीन्द्रकल्पं दलद्वलविरावविशेषरौद्रम् । अभ्यागतं सुररिपोः सुरराजसैन्यं क्षोभं जगाम परमं भयवेपमानम् ॥
प्रलयकालीन वायु से डोलते पर्वत के समान, भयानक गर्जना करता हुआ दैत्य का रथ आते देखकर इन्द्र की सेना अत्यन्त भयभीत होकर काँप उठी।
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