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कुमारसंभवम् • अध्याय 16 • श्लोक 5
सङ्ग्रामानन्दवर्धिष्णौ विग्रहे पुलकाञ्चिते । आसीत्कवचविच्छेदो वीराणां मिलतां मिथः ॥
युद्ध के उत्साह में रोमांचित वीर जब आपस में भिड़े, तब उनके कवच कटने लगे।
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