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कुमारसंभवम् • अध्याय 16 • श्लोक 35
खङ्गैर्धवलधारालैर्निहत्य करिणां करान् । तैर्भुवापि समं विद्धान्सन्तोषं न भटा ययुः ॥
चमकती तलवारों से हाथियों के सूंड काटकर और उन्हें भूमि सहित घायल करके भी सैनिक संतुष्ट नहीं हुए।
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