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कुमारसंभवम् • अध्याय 16 • श्लोक 33
आक्षिप्ता अपि दन्तीन्द्राः कोपनैः पत्तयः परम् । तदसूनहरन्खङ्गघातैः स्वस्य पुरः प्रभोः ॥
क्रोधित हाथियों द्वारा फेंके जाने पर भी पैदल सैनिक अपने स्वामी के सामने तलवारों से उनके प्राण लेने लगे।
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