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कुमारसंभवम् • अध्याय 16 • श्लोक 31
मिलितेषु मिथो योद्धुं दन्तिषु प्रसभं भटाः । अगृह्णन्युद्यमानाश्च शस्त्रैः प्राणान्परस्परम् ॥
जब हाथी आपस में भिड़ गए, तब सैनिक भी साहसपूर्वक युद्ध करते हुए एक-दूसरे के प्राण लेने लगे।
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