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कुमारसंभवम् • अध्याय 16 • श्लोक 24
रणे वाणगणैर्भिन्ना भ्रमन्तो भिन्नयोधिनः । निममज्जुर्मिलद्रक्तनिम्नगासु महागजाः ॥
बाणों से घायल योद्धा और हाथी युद्धभूमि में बहते हुए रक्तरूपी नदियों में गिरकर डूबने लगे।
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