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कुमारसंभवम् • अध्याय 15 • श्लोक 6
महाचमूनामधिपाः समन्ततः सन्नद्य सद्यः सुतरामुदायुधाः । तस्थुर्विनम्रक्षितिपालसङ्कले तदङ्गनद्वारवरप्रकोष्ठके ॥
महान सेनाओं के अधिपति तुरंत सुसज्जित होकर, आयुध धारण किए, उसके भवन के द्वार के समीप विनम्र भाव से खड़े हो गए।
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