वज्रधारी इन्द्र के सैनिक और शत्रु दोनों ही अपने-अपने आयुध उठाकर, वैतालिकों द्वारा उनके पराक्रम का घोष सुनते हुए, विजय की इच्छा से युद्ध में आगे बढ़े।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुमारसंभवम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुमारसंभवम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।