उनकी सेनाओं के नगाड़ों की गर्जना, जो पर्वतों की गुफाओं को विदीर्ण कर देने वाली थी, उससे महासागर भी उद्वेलित होकर उफनने लगे और आकाश भी मानो बहने लगा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुमारसंभवम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुमारसंभवम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।