आकाश और दिशाओं में गूँजती भयानक प्रतिध्वनियों तथा पर्वतों को कंपित करने वाली ध्वनियों से, नगाड़ों की गर्जना से सम्पूर्ण जगत व्याकुल हो उठा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुमारसंभवम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुमारसंभवम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।