सुरपर्वत के विभिन्न रंगों—पीले, काले, लाल और श्वेत—धातुरज से भरा हुआ आकाश, यहाँ-वहाँ उड़ती हुई धूल से मानो बिना प्रयत्न के ही गंधर्वनगर के उदय का भ्रम उत्पन्न कर रहा था।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
कुमारसंभवम् के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
कुमारसंभवम् के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।