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कुमारसंभवम् • अध्याय 14 • श्लोक 29
भिया सुरानीकविमर्दजन्मना विदुद्रुवुर्दूरतरं द्रुतं मृगाः । गुहागृहान्ताद्वहिरेत्य हेलया तस्थुर्विशङ्क नितरां मृगाधिपाः ॥
देवसेना के प्रचंड आक्रमण से उत्पन्न भय से अन्य पशु दूर भाग गए, जबकि सिंह निर्भय होकर गुफाओं से बाहर आकर निःशंक खड़े रहे।
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