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कुमारसंभवम् • अध्याय 14 • श्लोक 13
अन्येऽपि सन्नद्य मदारणोत्सवश्रद्धालवः स्वर्गिगणास्तमन्वयुः । स्ववाहनानि प्रबलान्यधिष्ठिताः प्रमोदविस्मेरमुखाम्बुजेश्रियः ॥
अन्य देवगण भी युद्ध के उत्सव के प्रति उत्साहित होकर, अपने-अपने बलवान वाहनों पर आरूढ़, प्रसन्नता से मुस्कराते हुए उसके पीछे चल पड़े।
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