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कुमारसंभवम् • अध्याय 13 • श्लोक 51
सकलविबुधलोकः स्रस्तनिःशेषशोकः कृतरिपुविजयाशः प्राप्तयुद्धावकाशः । अजनि हरसुतेनानन्तवीर्येण तेना-खिलविबुधचमूनां प्राप्य लक्ष्मीमनूनाम् ॥
इस प्रकार अनन्तवीर्ययुक्त हरपुत्र के कारण समस्त देवसमुदाय का शोक दूर हो गया, शत्रु पर विजय की आशा जागी और युद्ध का अवसर प्राप्त कर देवसेनाओं ने पुनः अपनी समृद्धि प्राप्त की।
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